Details, Fiction and Prem aur sambandh sudhaar



साधना के दौरान मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग नहीं करें।

अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें।

ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।

धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष

श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम

आध्यात्मिक उन्नति: हनुमान जी के शाबर मंत्रों के माध्यम से साधक ज्ञान, मोक्ष, और आत्मिक संतुष्टि प्राप्त कर सकता है।

गुरु के छत्र-छाया में ही अनुष्ठान करें। 

 

हिंदू धर्म में ऐसी कई किताबों का उल्लेख है जिसमें असंख्य शक्तिशाली मंत्र दिए गए हैं जिसका चमत्कार समय-समय पर देखने को मिल जाता है.

मंत्र जाप के समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि आपको लगभग सवा घंटे तक लगातार मंत्रों का जाप करना है या फिर आप चाहे तो जब तक सूर्य ग्रहण खत्म नहीं हो here जाता तब तक साबर मंत्र का जाप कर सकते हैं.

शाबर मंत्र भारत की प्राचीन तांत्रिक परंपरा का हिस्सा हैं। ये अपनी सहजता और प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। इन मंत्रों का उपयोग व्यक्ति के भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। ये मंत्र हनुमान जी की कृपा से सिद्ध माने जाते हैं और इनका सही जाप करने से वशीकरण, शत्रु निवारण, रोग मुक्ति और आत्मशुद्धि जैसी सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।  इन मंत्रों को गुप्त रखना जरूरी है। आइए इस लेख में शाबर मंत्र के नियम, महत्व और विधि के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें। 

साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें। 

परिहासे करे। नयन कटाक्षी करे। आपो न हाते। परहाते।

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